शाओमी का बजट स्मार्टफोन Redmi 6A आज फ्लैश सेल में मिलेगा. इसे ऐमेजॉन और कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट Mi.com से खरीद सकते हैं. फ्लैश सेल की शुरुआत दोपहर 12 बजे से शुरू होगी और स्टॉक रहने तक इसे आप खरीद पाएंगे.
कीमत की बात करें तो 16GB मॉडल आप 5,999 रुपये में खरीद सकते हैं. जबकि 2GB रैम और 32GB इंटरनल मोमरी वाला वेरिएंट ओपन सेल में ही मिलता है. सेल के दौरान 2GB रैम और 16GB मेमोरी वेरिएंट ही मिलेगा. माइक्रो एसडी कार्ड के जरिए इसकी मेमोरी बढ़ा सकते हैं.
आपको बता दें कि मार्केट में अभी सबसे सस्ते स्मार्टफोन्स में से ये बेस्ट है. इस कीमत पर कंपनी ने काफी बेहतरीन फीचर्स दिए हैं और ये फोन देखने में मिड रेंज स्मार्टफोन जैसा ही लगता है. इस फोन के साथ यूजर्स को नो कॉस्ट ईएमआई ऑप्शन भी दिया जाएगा. इतना ही नहीं है एडिशन ऑफर के तहत इस पर 2,000 रुपये का कैशबैक भी दिया जा सकता है. साथ ही इसके साथ जियो यूजर्स को 100GB तक एडिशन डेटा दिया जाएगा.
स्पेसिफिकेशन की बात करें तो इस स्मार्टफोन में 5.45 इंच की फुल एचडी प्लस डिस्प्ले है जिसका ऐस्पेक्ट रेश्यो 18:9 है. इसमें एंड्रॉयड 8.0 ओरियो बेस्ड कंपनी MIUI ओएस दिया गया है. इस स्मार्टफोन में मीडियाटेक Helio A22 प्रोसेसर दिया गया है जो क्वॉड कोर है.
फोटॉग्रफी के लिए इसमें 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा दिया गया है, जबकि सेल्फी के लिए इसमें 5 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा दिया गया है. रियर कैमरे में इलेक्ट्रॉनिक इमेज स्टेब्लाइजेशन का सपोर्ट है और और फ्रंट कैमरे से फेस अनलॉक का भी काम होता है.
कनेक्टिविटी के लिए Redmi 6A में 4G VoLTE सहित वाईफाई ब्लूटूथ, जीपीएस, माइक्रो यूएसबी सपोर्ट और 3.5mm जैक दिया गया है. स्मार्टफोन डुअल सिम हैं और दोनों ही स्लॉट 4G केपेबल हैं यानी दोनों में ही आप 4G सिम यूज कर सकते हैं. यह स्मार्टफोन तीन कलर वेरिएंट्स – गोल्ड, ब्लू और ब्लैक में उपलब्ध होगा.
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 9 दिसंबर को गाज़ी अपने दो आतंकी साथियों के साथ कश्मीर में दाखिल होने में कामयाब हो गया है. माना जा रहा है कि वो कश्मीर के पुलवामा तक पहुंच चुका है. और उसे पहली जिम्मेदारी अल कायदा की तर्ज पर कश्मीर में नए आतंकियों की भर्ती करने की दी गई है. बताया जा रहा है कि गाज़ी अफगानिस्तान में अमेरिका और नॉटो फोर्स के खिलाफ लड़ता रहा है.
हाल के दिनों में कश्मीर घाटी से जिन भी युवाओं ने आतंक का रास्ता अपनाया. वो छह महीने से ज्यादा वक्त तक सक्रिय नहीं रह पाए. सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में नए आतंकी जल्दी निशाने पर आते हैं. पहले के मुक़ाबले अब इन आतंकियों की ट्रेनिंग न के बराबर होती है. आतंकियों में ट्रेनिंग की कमी के चलते पाकिस्तान में आतंक के आकाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
जानकारों की मानें तो अफ़ग़ानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे ट्रेंड आतंकियों की घुसपैठ आने वाले दिनों में बढ़ सकती है. और अमेरिका के अफ़ग़ानिस्तान से अपनी पूरी फौज को वापस बुलाने के फैसले से भारत में आतंकी घटनाएं बढ़ सकती हैं. पैसों का लालच देकर पाकिस्तान और वहां कि आतंकी तंज़ीमें इन्हें भारत के खिलाफ फिर से इस्तेमाल कर सकती हैं. जैसा की 90 के दशक में हुआ था. सूत्रों की मानें तो फ़िलहाल जम्मू कश्मीर में इस वक़्त 120 से ज़्यादा विदेशी आतंकी मौजूद हैं. जो कभी भी भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं.
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